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رواية الوجه الآخر للقمر الفصل التاسع و العاشر

حصرين ع موقع المجد للقصص والحكايات   الكاتبه فريده احمد فريد  رواية الوجه الآخر للقمر الفصل التاسع و العاشر


حصرين ع موقع المجد للقصص والحكايات 

الكاتبه فريده احمد فريد

رواية الوجه الآخر للقمر

الفصل التاسع و العاشر


ف إحدي  الجزر  الصغيره  ع  ساحل البحر الأحمر


نسرين فتحت عيناها  بألم... فردت  جسدها  بكسل... لكنها  شعرت  بعضلات  جسدها  تصرخ  ألمآ... نهضت  تجلس


ع  السرير.... كانت ترمش  بعيناها  بسبب  ضوء  الشمس الذي  يدخل  من النافذه ... وضعت  يدها  ع  وجهها


ولفت  للجهه  الأخري... لكنها  تسمرت  مكانها... رأت  سيف الأنصاري  يجلس  أمامها  ع  كرسي  قريب منها... وهوه  عاري  الصدر


نسرين نظرت  لجسدها  بسرعه... وجدت  نفسها  شبه عاريه.... قالت  له  بصدمه


((انت...... انا... انا  فين... وإيه  اللي  قلعني  هدومي  كده.... وانت... انت  هنا  بتهبب  إيه))


نهض  واقفا  بشموخ  واقترب  منها  ببطء... انحني  إليها  وأشار بأصباعه ع  فمه  وقال


((تؤ.. تؤ.. تؤ.... مش  معني  اني  عارف  انك  ****  يبقا  تسوقي  فيها  وتغلطي  فيا.... سيريا  يا  حبيبتي... عيب  تغلطي  ف  جوزك... هما  أهلك ما  علموكيش ازاي  تعاملي  جوزك... ولا  أمك  كانت  زيك  وابوكي  بيبقض تمنها))


نسرين رفعت  يدها  وكادت  ان  تصفعه ع  وجهه .. لكنه  أمسك  يدها... وصفعها  بقوه  ع  وجهها... جعل  فمها  ينزف  دمآ


نسرين  نظرت  له  بغضب  وهيه  تضع  الملاءه  ع  جسدها  لتستره.... وقالت  بعنف


((انا  هدفعك  تمن  ضربك فيا  يا سيف.... بس  معناه  إيه الكلام ده... يعني ايه  جوزك... هاااااا... انطق))


سيف  بغضب

((يعني  جوزك.... بتفهمي منين... انا  وانتي  اتجوزنا  إمبارح بس))


نسرين  بصدمه 

((مستحيل... مستحيل... انت  كداب... مستحيل))


سيف  ابتسم  بأنتصار... واقترب  من  طاوله... وامسك  هاتفه... أدار  شيئاً ما... وقذف  لها  الهاتف


نسرين  مسكت  الهاتف... ورأت  فيديو لها... وهيه  تجلس  بجوار  سيف... وبعض  الشباب  ومأذون


وعقد  قرآنهم  المأذون... وشهد  ع  ذلك  الشهود... ومضت  وبصمت  بيدها... نسرين  كانت  تنظر  للفيديو  وهيه


مصدومة... ألقت  الهاتف  ع  الأرض  حطمته... وصرخت  بسيف

((ازاااي... عملت  كده إزاي... وليه  عملت كده  يا  سيييف))


اقترب  منها  وانحني... وقال  لها  ببرود  وسخريه

((عشان انتي  قذره... وما  ينفعش  معاكي  إلا اللعب القذر... انا  خليت  سعاد  تحط  لك  برشام  تنبله ... وقبل  ما  تسألي.... البرشام  ده  مستورد... بيخلي  الواحد  فاقد  القدره والسيطرة... بيبقا  شبه  الأموات.. او  الآليين... زي  ما  بيطلب منه  بينفذ... وده  اللي  انت  عملتيه... اتجوزتك  رسمي  قصاد  شهود  ومأذون... وبقيتي  مراتي  ع  سنه الله ورسوله))


نسرين ((طب  لييه... إيه اللي  يخلي  واحد  ابن ناس  زيك... يتجوز  ركلام  زي  أنا... ليه يا  سيف))


سيف  بصراخ((عشان اذلك ... عشان  اجيب  مناخيرك  الأرض... انتي  ناسيه  عملتي  فيا  ايه... واتكلمتي  معايا  إزاي... 

وانا  يا  حلوه راجل صعيدي... و عندنا  الست  اللي  ترفع صوتها  ف  وش جوزها .. بتتضرب  بالكرباج... وتتحرم  من  الاكل والشرب  يومين بلياليهم


شوفي  انتي  بقا  بتعملي  ف  اهلي ايه  من  ساعه  ما  شفت  خلقتك...


انا  كنت  عايز  انضفك  وانتي  قليتي مني  واهانتيني... انا  بقا هرد  لك  الجميل  بطريقتي  انا


سلو  بلدنا  بيقول  الراجل  يربي  مراته... وانا  بقا  هربيكي  يا  سيريا))


نسرين  وقفت  ع  السرير  بغضب ... وصرخت  به

((وانت  مال  أهلك  انت... انا  مش  عايزه  انضف... انت  عايز  مني  اييييه... طلقني يلا.... بلا  سلو  بلدكم  بلا  بقر  بلدكم.... طلقني  لأحسن  اندمك  ع  الساعه  السودا  اللي  شفت  خلقتك  دي  ف  وشي... طلقني))


سيف  نظر  لها  بغضب.... وخلع  حزام  بنطاله... نظرت  نسرين  برعب  للحزام... لكنها  ركضت  للنافذه


وهيه  بملابسها  الداخلية... قفزت  عليها  وقالت  وهيه  تتحفز  للقفز


((لو قربت  مني  هرمي  نفسي.... لو فكرت  تلمسني تاني  هقتل  نفسي... انت  سامع))


ضحك  بأستفزاز  وأشار  لها  أن  تقفز.... لكن  نسرين نظرت  له  بغضب... نظرت  حولها


لتمسك  شيئآ  تدافع  به  عن  نفسها... رأت  قميص  سيف  ملقي  بجوار  السرير.... قفزت  من  ع  النافذه


وركضت  خطفت  القميص... وارتدته  بسرعه... شمرت  أكمامه... و  أخدت  وضعيه  الدفاع... وقالت  له  بأستفزاز


((تعالي... تعالي  يا  دكر  ورينا  العرق  الصعيدي... وانا  هوريك  العرق  المصري  عامل  ازاي))


سيف  ألقي  بالحزام  ف  الأرض... واقترب  منها  وهوه  ف  قمه  الغضب بسبب  تحديها  له  واهانتها  لرجولته


لكن  نسرين  وجهت  له لكمه.... إصابته  ف  ذراعه... ابتسمت  بأنتصار... نظر  لها  بغضب  وركض  عليها


قفزت  من  ع  السرير  ووقفت  ف  الجهه  الاخري... سيف  ضاق ذرعا  بها... نظر  خلفها  وبرق  بعيناه    وهز  رأسه 


نسرين  ظنت  ان  أحدهم  دخل  الغرفه  ويقف  خلفها  و سيكبلها... استدارت  خلفها.... هجم  عليها  سيف... وكبل


ذراعاها... صرخت  فيه

((سبني... سبني  يا  جبان  وانا  اوريك  نفسك))


سيف  وهوه  يحاوط  جسدها  بقوه

((انا  عارف  نفسي  مش  مستني  واحده  زيك  تعرفني... ومن  دلوقتي  هتشوفي وش  تاني  خالص  يا  نسرين.. فاكره  نفسك  عشان  متعلمه لك  حركتين .. يبقا  هتقدرى  عليا... لأ  وحياه امك... انا  هخليكي  تعيطي  ليل مع نهار... هخليكي  تترجيني  أرحمك  يا  نسرين... وبرضو  مش  هحلك  غير  لما  تنفذي  أوامري))


نسرين  بغيظ((انت  بتحلم  يالا))


سيف((يالا... برضو  لسانك  الطويل.. ماشي))


سيف  لفها  إليه  تواجهه... نظرت  له  بكره  وتحدي... لكنه  ضربها  بالرأس  ع  انفها  افقدها  الوعي


تركها  تسقط  ف  الأرض... جلس  ع  طرف  السرير  يأخذ  نفسه.... قال  وهوه  غاضب


((ماشي  يا  نسرين... انتي  اللي  اخترتي  الطريق الصعب.... انا  هوريكي  تقلي  مني  مره  ورا  مره   كده إزاي.... انا  مش  فاهم... هوه  انتي  مش  شيفاني  راجل  ادامك... ليه  بتكلميني  بالاسلوب  الزباله  ده... مش  فاهم أنا... بس  اقسم لك بالله... ورحمه  اخويا  الغالي... مش  هتخرجي  من  هنا... غير  وانتي  ست  محترمه... و توعديني  انك  مش هترجعي  لحياه  الركلام تاني  يا  نسرين... وحياه  حب  السنين اللي فاتت دي  كلها... لأ أعدلك  واجبرك  تحبيني... زي  ما  بحبك))


********************

ف فيلا محمود

يقف  محمود  يتابع  رجاله  وهم  يجهزون  بضاعه  اخري 

دخل  عليهم  رجاله  فجأة


نظر  لهم  محمود  بغموض... تقدم  منه  فهد.... قال  له  محمود


((انتوا  عايشين... إزاي  نفدتوا  من  رجاله  ياسين))


فهد بتعب((عملوا لنا  كمين  يا باشا.... و  مسكونا... كممونا  وضربونا... ياسين القناوي  فضل  يعذب  فينا  عشان  نقوله  ع  مكانك... بعد  ما  عرف  انك  خلصت ع  رجالته... بس  محدش فينا  اتكلم... والنهارده  الصبح  قدرنا  نهرب.... خليت  مصطفي يصرخ... دخلوا  رجاله  ياسين... هجمنا  عليهم  وقدرنا  نهرب  بمعجزه))


محمود ((ماشي يا  فهد... الغلطه دي مش هتتكرر  تاني.... وياسين  هدفعه  التمن... بس مش  النهارده... عندنا  شغل  مهم... وانا  لازم  أسافر  البلد.... لما  ارجع  هيكون  ف  كلام تاني... يلا  دلوقتي  خد  الرجاله  وروحوا  ارتاحوا  شويه))


رن هاتف  محمود... نظر  محمود  لفهد  وأشار  له  بالانصراف.... نور  نظرت  لمحمود  وهوه  يتحدث  ويقول  بغموض  للطرف الآخر


((والكلام ده هيتم  أمتي ... ماشي... مسافه السكه))


أغلق الهاتف... ونظر  لنور  والحرس... وأشار  لهم  ان  يتبعوه... أعطي  تعليماته  الأخيره  لرجاله   وانطلق  للخارج


قادت  نور  السيارة... وسألت  محمود

((هنروح  ع  فين  يا  باشا))


محمود  قال  لها  دون  أن  يرفع عيناه  عن  الطريق أمامه

((اطلع  ع  أكتوبر... هقولك ع العنوان وانت  ماشي))


قادت  نور  السيارة  بمهاره.... لكن  فجأة... ظهرت  سيارتان  رباعيه الدفع.... نور  لاحظت  الرشاش  يخرج  منهما


صرخت  ف  محمود... واخفضت  رأسه  لاسفل

((وطيييي))


قادت بسرعه  للتفادي  إطلاق النار... حرس  محمود ف  السيارة الأخري... بدأوا  بأطلاق النار  ع  السيارتان... لكن


الرصاص أصاب  عجلات  سياره  محمود.... اختلت  عجله القيادة ف  يد  نور.... دارت  السيارة حول  نفسها


سمعوا  انفجار  سياره  حرس  محمود... نور  أوقفت  السيارة  بمعجزه... محمود  اخرج  سلاحه  وألقاه  لنور


وأخرج  آخر... وبدأ  يطلق  الرصاص  هوه  ونور    ع  السيارتان... لكن  رصاص  مسدساتهم  فرغت


نور نظرت  له... ونظرت  للسيارات  الأخري... ونظرت  للطريق ... رأت  أشجار  ع  الطريق  الجانبي  لهم


مسكت  يد  محمود... وفتحت  بابها... وسحبته للخارج... ركضوا  معا  للطريق  الجانبي... لكن  الرصاص  كان  لايزال  يطلق  خلفهم


نور  نظرت  أمامها  وجدت  الأشجار  تنتهي  وسيقعون  ف  شرك  العصابه  التي  تطارد  محمود


وقفت  ونظرت  له  قال  لها  محمود  بثقه

((اجري  انت  يا  نور... هما  عايزني  انا... دا  كان  فخ  وانا  شربته))


نور نظرت  له  ولفت  حول  نفسها  بسرعه... عادت  تنظر  له  وقالت  بثقه


((مش  هسيب  مخلوق  يلمسك... تعالي  معايا... شايف  الشجر  ده))


نظر  محمود  للشجر  العالي  المتشابك  الفروع... وفهم  مغزي  كلام  نور... هز  رأسه  وبدأ  يتسلق  الشجرة


نور  صعدت  خلفه... وتسلقت  الشجره  برشاقه.... وصلوا  لفرع  به  أوراق  كثيفه... نور  مسكت  الفروع  و جذبتها


بقوه.... واخفت  مكانها  هيه  وهوه.... رأوا  الرجال  بأسلاحتهم  يبحثون  عنهم  بين  الأشجار


نور  نظرت  لمحمود  لتطمئنه... لكنها  لم  تري  الخوف  او  التوتر  ف  عيناه... وجدت  نفسها  تبتسم  رغما  عنها


نظر  لها  محمود  وتعجب  سألها  بصوت  منخفض

((انت  بتضحك ع إيه  ياض))


نور((عليك  يا  باشا))


محمود((نعم... يعني ايه))


نور((ما تفهمنيش غلط  يا  باشا... اصل  من  يوم  ما  اشتغلت  عندك  وعمري  ما  شفت  ف  عينك نظره  خوف  واحده.... دايما  عينك  فيها  غضب... لا  شفتك مره  بتضحك... ولا  مرتاح... ولا مبسوط.... حتي  لما  كنا  بنوصل  بضاعه  بملايين  للتجار... برضو ما شفتش  نظره  رضا  ف  عينك  ابدا.... ودلوقتي  وانت  بينك  وبين  الموت  ورقه  شجر ... برضو  مش  خايف... نفسي اعرف  سرك  إيه... ليه  انت  دايما  غامض  كده))


محمود  اخذ  نفسه... وأخرج  سجائره... عرض  عليها   واحده... أخذتها   وتركت  الفروع... أشعل  محمود  سيجارته


و ناولها  القداحه... وقال

((وليه  هخاف... كده  ولا  كده  انا  ميت.... أمتي  وفين  وإزاي  عمرها ما  فرقت  معايا... يا  نور  انا اتولدت و عشت  واتربيت  ف الصعيد.... وسط  السلاح  والدم  والتار... ووسط  عيله  بتكره  بعضها... آه... ابويا  و أعمامي  طول  عمرهم  بيكرهوا  بعض... لكن  انا  وولاد  وبنات  اعمامي   كنا  بنحب  بعض... ونلعب  سوا  ونروح  سوا  المدرسة... وكنا  بنحلم  مع  بعض  كل  واحد فينا  لما  يكبر  هيبقا  إيه... دلوقتي  شوف  انا  بقيت  فين... وهما  الله اعلم  فين... وعايشين  إزاي.... كل  اللي  باقي  لي  من أخواتي و ولاد  عمي  كلهم... هما  عمار  وسيف.... ورغم  كده  إحنا  كمان  بقينا  زي  اهالينا.... بنافس  بعض  ع  الثروه  والميراث   والنفوذ  ... المفروض  وانا  ف  الورطه دي... كنت  اكلم  ولاد عمي يجوا  بسلاحهم  ينقذوني.... ويدمروا   ياسين القناوي  واي  حد  يقف  ف  طريقنا... لكن  للأسف  عمرنا  ما  كنا  إيد  واحده  عشان  كده  كلنا  هدف  سهل للي  بيحاول  يدخل  بينا  ويوقعنا  ف  عالم  البيزنس... وجاي  تقولي  عمرك  ما  شفت  ف  عيني  غير  الغضب... دا  يا  نور... لأني  عمري  ما  عرفت  غيره))


تنهد محمود  بحرقه... شعرت  نور  انه  يتنفس  نيران  وليس  أكسجين  مثلنا... شعرت   بشئ  ينخر  صدرها


لا تعلم  ما  هوه ... او  لماذا تشعر  به؟؟ ... خاصا  وهيه  برفقه  محمود  فقط..... محمود  نظر  لاسفل


ركز  قليلاً  واسترق  السمع.... لم  يسمع  شيئا... قال  ل نور  وهوه  يخرج  هاتفه


((آكيد  بعدوا... انا  هكلم  الرجاله..... والنهارده  هخلص  ع  ياسين  الكلب  ده  بنفسي))


لكن  نور  وجدت  نفسها  تضع  يدها  ع  يده  وتقول

((وليه  توسخ  إيدك  بالدم.... ما  تشيعه  وتخلص  منه... احسن  عقاب  للمجرم... المؤبد  مش  الإعدام... لان  الأسد  القفص  بالنسبه  له  جحيم... وخصوصاً  لما  يعرف  ان  خصمه  هوه  اللي  حبسه))


محمود  نظر لها  نظرات  مبهمه... لم  يفهم  شيئا... نور  رفعت  حواجبها  بضيق... وقالت  له


((إيه يا  كبير... شكلك  مفهمتش... انا  قصدي  بدل  ما  تقتله... احبسه...))


محمود  ركز  معها  وقال  بأهتمام

((ودا   يتحبس  إزاي  وحياه امك... انت  فاكره  راجل أعمال  عادي  كده.... دا...))


قاطعته  نور  وقالت  بثقه

((مرشح نفسه   للأنتخابات... ودي  احلي  ضربه  لواحد  زيه... هوه  حمار  عشان  وقف  قصادك  يا  كبير... إحنا  هنعمل  كام  حاجه  بسيطه  اوي... انا  هرجع  لشغلتي... شغله  الحشرات.... هأخد  عربيه  وادخل  قصره... وأقول للحرس  بتوعه  انهم  اتصلوا  بينا... وقبلها   هنكون  رشينا   حد  من  خدمينه  عشان  يأكد  ع  الكلام.... وادخل انا  بعربيه  الشغل  اخبي  فيها  السلاح  والمخدرات  زي  ما  كنت  بخبي  سلاحك  من  الحكومه  والكماين..... و  ادس  له  السلاح  وأخرج  بمنتهي  الهدوء... و  بلاغ  صغير  لكام  صحفي  سياسي.... و  بلاغ تاني  للحكومة... تيجي  الحكومه  تفشت  بيته  ف  حضره  الصحافه... وهيتقبض  عليه  متلبس  مع  السلاح... و هياخد  25  سنه  مؤبد  عنب.... إيه رأيك))


إبتسم  محمود  أخيرا  وقال  لها  بحماس

(يابن الجنيه... فكره  جامده... وبالمره  ابعت له  هديه حلوه  وهوه  جوه... عشان  أعلمه الأدب)


نور(بس  ف  حاجه  يا  كبير)


محمود (ايه)


نور(لازم  السلاح  اللي  يلاقوه  ف  بيته  يبقا  سلاح  غير  بتاعك... وحاجه  كمان.... انت  متأكد  ان  الجدع  ده  مش  ماسك  عليك  اي  حاجه  ورق  مستندات  فيديوهات... اي  حاجه  تدينك... لأنه  لما  يقع   هيأخد  الكل  معاه... ف  لو  ف  حاجه  تلطك.... قولي  وانا  اعرف  حد  يدخل  قصره  ويسرقها  لك)


أبتسم  محمود  وربت  ع  كتفها  وقال

(عارف  انا  اشتغل  معايا  ناس  قبلك  اد  إيه)


نور(لأ  معرفش  ليه)


محمود(عمر  ما  حد  حسسني  أنه  بيخاف  عليا  زيك  ياض  يا  نور... صحيح  مش  بالجسم  ولا  الشكل... بس  انت  راجل  وراجل  جدع  اوي  ياض... انا  عايزك  تعتبر  نفسك من  دلوقتي  صاحبي... مش  الراجل  بتاعي)


خجلت  نور  واحمر  وجهها... قالت  بخجل

(لأ يا  باشا  العين  عمرها  ما  تعلي  عن الحاجب)


ضحك  محمود  بصوت عالي  ونسي  تماما  أين  هوه  وقال

(يخرب بيتك ياض... انت  بتحمر  زي   النسوان  كده  ليه... اهوه  انا  مش  مضايقني  منك  غير  شكلك  المنسون  ده... بس  انت  راجل  عادي  يعني  انت  مش  اول  واحد  يكون  شكله  بناتي  بس  من  جواه  راجل... عادي  يا  نور  ولا  يهمك... يلا  و  لا  هنقضي  باقيه  اليوم  هنا  ع  الشجر  زي  القرود)


نور  ضحكت  بصوت   انوثي عالي..... محمود  مسك  كتفها  بجديه  وقال


(دي اخر  مره  اسمعك  بتضحك... انت  كده  هتخوفني  منك... شكلك  منسون... صوتك  وضحكتك ضحكه  حريم... انت  إيه بالظبط... انا  لو  ما  شفتش  بعيني  رجولتك  وقوتك.... كنت  قلت  عليك  ست  لابسه  راجل)


محمود  نظر  لها  بصرامه... و  تسلق  نزولا  لاسفل... نور  سرحت  للحظات... وقالت  لنفسها


(ست.. انا  ست... لأ... لالالا... انا  مش  ست  انا  راجل  و عشرين  راجل  كمان  ف بعض)


نور  لاحظت  محمود  الذي  ينزل  لاسفل  وصرخت  فيه  بصوت  مكتوم


(انت  رايح  فين... اصبر  لما  أأمن  لك  المكان)


فجأه  قفزت نور  لأسفل.... محمود   صدم برق  لها  بعيناه  غير  مصدق... وقفت  نور  ع  قدمها... و  نفضت  يدها


ونظرت  حولها  بتركيز... كي  تتأكد  انهم  ابتعدوا  حقا... تطمئنت  ان  المكان  أمن... أشارت  له  بالهبوط


نزل  محمود  أرضا... ونظر  حوله... نور  شدت  يداه  واشارت  ع موتور  (موتوسيكل) مركون  بعيد  بجوار   كشك 

************************

ف  صاله بيت  حنين...

تجلس أم  حنين  بجوار  نورهان ... كانت  تربت  ع  كتفها  بحنان... قالت  له


(معلش يا بنتي... حقك  عند  ربنا... اعتبري  انك  ما  خدتيش  حاجه  من  العيله دي... وارجعي  لشغلك ... واطلقي  منه... عشان ترتاحي  يا  حبيبتي... شكلك  كده  ما  يرضيش  ربنا  ابدا)


لكن  حنين  التي  كانت  تستمع  لأمها  وهيه  تفكر ف  حل  لنورهان.... قفزت  بسرعه  وقالت  لأمها  بأستهجان


(لأ طبعا... إيه الكلام اللي بتقوليه  ده يا امي... مستحيل تسيبه  ينتصر  عليها  بسهولة كده.... اسمعي يا نورهان  انتي  لازم  ترجعي  بيته... وتدحلبي  له  وتخليه  يشتري لك  الشركة.. ويشتري عربيه  كمان... وتطلبي  منه  فلوس عشان تجيبي  لنفسك  هدوم جديده  تليق  بمركزك  الجديد... ولما  تبقي  تشتغلي  وتكسبي  فلوسك  هتبقا بتاعتك  ومش  هيقدر  وقتها  لا  هوه  ولا  جدك  انهم  يأخدوا  فلوسك  دي  ولا  يحرموكي  منها... واسمعي  كمان  مش  انا  كنت  بقولك  بلاش  شغل  عيال  و  ابعدي  عنه  بوشك  الحقيقي... لأ  بقا... خليه  يشتري لك  بيت  عشان  تغوري  من  وشه  زي  ما  قالك.. وعيشي فيه  براحتك ... وبعدها  كلميه  ع  انك  البت  الحلوه  اللي  عجبته... و قابليه   وعلقيه بيكي  واطلبي  منه  شغل... خليكي  قريبه  منه... عشان  تعرفي  تأخدي  تارك  منه  لما  يتعلق  بيكي  أوي.. وقتها  بس  هتنتقمي  منه  وتذليه))


أمها  نهضت  وصرخت  فيها


(إيه الكلام ده يا  حنين.... إزاي  تقولي  لصاحبتك  تعمل كده  مع  جوزها.... هيه  صح  ترجع  له  وتطلب  منه  يشتري  لها  الشركه  اللي  بتحلم  بيها  وتشتغل  وتعتمد  ع  نفسها .... إنما  لا  تقابله  ع  انها  واحده  تانيه  ولا  الكلام ده يا  بنتي.... اوعي  يا  نورهان  تعملي  كده... دي  بت  مروشه  مش  عارفه بتقول ايه))


نورهان  وقفت  وعيناها  كلها  تصميم وأراده.... مسحت  انفها الأحمر من  كثره البكاء... وقالت  لأم  حنين


(لأ  يا  طنط  حنين  عندها  حق  انا  لازم  اعمل  كده  واخد  حقي  من  عمار)


        يتبع ف الحلقه 10

الوجه الآخر ***للقمر

الفصل العاشر.........


ف  لبنان... ف  مكان ما  وسط الغابه.... ع  حافه  نهر  عميق


تفتح  سما  عيناها.... بوجع  وألم  رهيب... نظرت  أمامها  وصدمت  عندما  رأت  منذر  يقف  بشموخ


ويسند  قدمه  ع  حجر... ورجاله  يحاوطونه... نظرت ع  نفسها... وجدت  يدها  مكبله  ف  فرع  شجره


نظرت  له  وقالت  بحده

(انت  عايز  ايييييييه... انا ما  بلغتش  عنك... عايز  مني  إيه  انت)


اقترب  منها  رجل  وصفعها  بقوه  ع  وجهها... جعلها تصرخ  ألما... نظرت  له  بغضب


تقدم  منها  منذر  بخطوات  ثقيله  بطيئه... ليثير  الرعب  بداخلها... لكنها  كانت  تنظر  له  نظرات  غضب ... نظرات  مقت  وكره


مسك  ذقنها  بعنف  وقال

(بعرف... بعرف  انتي  شو  سويتي  من  لما  شفتينا.... وانا  ما  بخاف  من  تافهه  متلك.... بس  انا  ما  بحب اخلف  وراي  حدا..... انتي  راح  تموتي  هلأ  وتحصلي  اللي  راحوا  ف  مكانك  هاد... يلا  يا  حلوه   ما  بدك  تقولي  كلمه  اخيره)


عاد  بقدمه  خطوه  للخلف.... وأخرج  مسدسه  ووجهه  لرأسها... لكنها  نظرت  له  بثبات  وقالت


(وانا  كمان  ما  بخفاش  من  حد... ولا  منك  ولا  من  الموت نفسه... عادي  يا  منذر... انا  ياما  عدي  عليا  أمثالك... كنت  متجوزه  واحد  زيك... وكان  بيقتلني  كل  يوم... ف  مش  فارقه  معايا  جسمي  كمان  يموت  بعد  ما  روحي  ماتت  من  سنين.... اعمل  اللي  انت  عايزه  وخلصني  من  محاضراتك ... و غرورك  المزيف  ده)


منذر  نظر  لها  بغموض... اقترب  منها  ومسك  شعرها  وشده  بعنف  وهوه  يجز  ع  أسنانه  بغيظ


(انا  ما في  حدا  ما  يخافني... وانا  ما  راح  ااقتلك  لحتي  تبكي  و  تترجيني  أرحمك... انا  ما  بقتل  عدوي  بسهولة... لازم  تترجيني  أرحمك... انتي  راح  تضلي  معي  لحتي  افرجيكي  الغرور  صح... راح  عذبك  حتي  تبوسي  رجلي  يا  قذره)


تركها  بعنف  وأشار  لرجاله

(فكولي ياها... وجروها   للكهف  حدي... انا  راح  فرجيكي  معني الخوف  والذل)

********************

نور  ف  غرفتها  ف القصر... صعدت  ع  السرير  كي  تنام... لكنها  نهضت  مره أخري


تذكرت  كلامها مع  محمود  ع  الشجره.... خرجت  للشرفه  ونظرت  للقمر... تذكرت  وجهه  الحزين  الغاضب


وتذكرت أيضا  عندما  ركبوا  الموتور (الموتوسيكل) ... وصممت  انه  يجلس  خلفها  وتقود  هيه


تذكرت  عندما لمس  جسدها... وكاد  ان  يلمس  صدرها... أسرعت  فجأه  جعلته  يتشبث  بها.. كي  لا  يلاحظ  صدرها... تحت  الرباط  الذي  تلفه  بعنايه  ع صدرها


نور  شعرت  ان  قلبها يخفق  بشده... وضعت  يدها  ع  صدرها  تتحس  نبضات قلبها... تنهدت  بوجع ... وعادت  للغرفه


كانت تهم  بالعودة للسرير .. لكن  رن  هاتفها... نظرت  فيه  وجدته  محمود... خفق  قلبها  مره أخري... نظرت  للفراغ


بدهشه  وغضب... مسكت  الهاتف  واجابت

(باشا أمرني)


محمود بأختصار

(انزل  جهز لي العربية)


قفل الخط... نور  تعجبت... لكنها  ارتدت  ثيابها مسرعه... و ركضت  لسيارته... خرج  محمود  متأنق


وركب السيارة... لكن  ركب  معهم  تلك  المره  اثنان من  الحرس... نظرت  لهم  نور  بصدمه... لكنها  انطلقت


الحارس بجوارها  أعطاها  العنوان... ذهبت  إليه  وصدمت  عندما  وجدته  ملهي ليلي... لا تعرف  لما  شعرت بالحزن


خرجوا  من  السيارة... الحرس  الخاصين  بالملهي الليلي... حيوا  محمود  بأحترام.. محمود  قال  لرجاله


(خليكوا  هنا... فهد... عز... سلموا  سلاحكم  وتعالوا  ورايا)


محمود  لم  ينظر  لها  حتي... شعرت بحزن عميق  يمزق قلبها... سألت  نفسها  ماذا  فعلت  له  ليغضب  منها  ويتركها  خلفه؟


وقفت  مع  الحرس ف  الخارج... سمعتهم  يثرثرون  كعادتهم... سألت  واحد منهم


(بقولك ايه يا أمير... هوه  الباشا  بيعمل ايه هنا)


ضحك  أمير  بسخريه  وقال

(هوه  إيه اللي  بيعمل ايه هنا  يا  نور... الباشا  بيجي  هنا  يفرفش  ويهيص  شويه.... وآخر الليل  بيروح  بكام  موزه  يظبطوه  ف  السرير)


ضحك  الحرس  بصوت عالي... نور  اشتعلت  غضبا.... تركتهم  وعادت  للسياره... ظلت  تحرق  ف  السجائر  بغضب


وتنظر  لبوابه  الملهي  تنتظر  خروجه بفارغ الصبر... خرج  محمود  بعد  ساعات  طويله.... لكنه  لم  يخرج  وحده


خرج  من  بنات  ركلام... نور  عندما  رآته... شعرت  بوخز  مرير  ف  قلبها... شعرت  أنه  سقط من نظرها.. وانها  تحتقره


ركب  محمود  السياره.... وركب  باقي  الحرس  ف  السيارات الأخري... أشار  لنور  ان  تنطلق


نظرت له  بأحتقار  ف  المرآة.... و انطلقت  بعنف... كانت  تنظر  له  ف  المرآه.. وتراه  يداعب  كلتا  الفتاتان  بوقاحه


كانت  تغضب أكثر... وتشتعل من  داخلها.... وصلوا  للقصر  وخرج  محمود  والبنات... دخلوا  القصر


نور  تركت  السيارة  وذهبت  لغرفتها وهيه  تكاد  ان  تنفجر  من  الغضب... ولا  تعلم  السبب


لم  تستطع النوم  او  الجلوس  بسلام... وجدت  نفسها  تخرج  من  الغرفه... وتتجه  للقصر... صعدت  لغرفه محمود


وقفت   عند  الباب  وألقت  بأذنها  تسترق  السمع.. لكن  الصوت  كان  عالي.. وضحكات  البنات  والموسيقى


كانت  صاخبه.. من  الواضح  أن  محمود  يمتع  نفسه  بكل الوسائل... نور  لم  تحتمل.... فتحت الباب فجأه


وجدت  البنات  شبه عاريات... ويتراقصوان  أمام محمود  بوقاحه.... محمود  أيضا كان  شبه عاري


وقف  مصدوم  عند  دخولها  بهذا الشكل... قال  لها  بسرعه


(ف  إيه يا  نور... ف  حاجه  حصلت)


نور  تداركت  فظاعه  الموقف  الذي  وضعت  نفسها  فيه... فكرت  ف  كذبه  سريعه  وقالت


(محمود بيه... انا  شفت  حد  ف  جنينه  القصر... حد  مسلح... لازم  أمنك  بسرعه)


محمود دفع  الفتاه التي كانت  تقف  أمامه  واقترب  من  نور  وقال  لها  مندفعا


(اجري  بلغ  فهد  والرجاله)


نور  أشارت  ع  الفتاتان.. وقالت

(ودول... هتعمل  فيهم إيه)


نظر  لهم  محمود  وعاد  بنظره  إليها  وقال

(مالهم)


نور  دفعته  ف صدره  كأنها  تبعده  عن  طريقها  لكنها  كانت  متعمده  ان  تضربه... ذهبت الي البنات


ومسكت  أحدهما من  شعرها  وقالت  بغضب

(مين  سلطك  ع  الباشا... انطقي منك  ليها  يا  *** بدل  ما  ارميكم  للكلاب  ينهشوا  لحمكم)


نظرت  البنات  لبعض  واحتلهم الخوف.... نور  صفعت  الفتاه  بقوه... صرخت  الفتاه  وقالت  بسرعه


(خلاص... خلاص  هقول  بس  والنبي  ما  تأذناش  يا  محمود  بيه... احنا  عبد المأمور... دا  ياسين بيه  هوه  اللي  زقنا  عليك... وقال لنا  نحط  لك ... نحط.... محمود بيه  والنبي  ما  تموتنا... الباشا  هددنا  لو  ما  نفذناش  أوامره  هيقتلنا  إحنا....)


محمود  ذهب  إليها... وأخرج  مسدسه  ووضعه  ف  رأس  الفتاه  الأخري.. وقال  بنبره تهديد  غاضبه


(أمركم  تحطوا لي  اييييه... انطقي  يا****  وإلا  هفجر  رأسك  انتي  وهيه)


قالت  الاخري بسرعه

(قالنا  نحط  لك  السم  ف  كأسك.... و... و.. إحنا  حطيناه  وانت  شربته)


محمود  برق... نور  صرخت

(فهااااااااااد)


ركضت نور  لبنطلون  محمود.... و قالت  له  بسرعه

(ألبس)


محمود  ارتدي  بنطلونه.... وهوه  لايزال  مصدوم.... مسك  بطنه.... نور  شدته  من  يده  بسرعه


دخل  فهد  صرخت  نور  وهيه  تجر  محمود  للخارج

(محمود  اتسمم  ال****  حطوا  له  السم  ف  كأسه... اوعي  تسبهم  يخرجوا... ابعت  الحرس  ورايا  ع  مستشفي  فؤاد الكبسي)


ركضت  وهيه  تجر  محمود  الذي مسك  بطنه  بألم.... وظلت  تركض... وصلت  للسياره  فتحتها


ودفعته  للداخل... و  قفزت  من  ع  مقدمه  السياره  للاتجاه الآخر... وركبت  مكانها... وطارت  بكل  سرعتها  الي  مستشفى فؤاد الكبسي

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فتحت  نسرين  عيناها  ببطء... لكنها  تذكرت  مع  يحدث معها ... فتحت  عيناها  ع  آخرهم


وجدت  نفسها  مكبله  من  يدها  وقدمها... و ملقاه  ع  أرض  صلبه  بارده    وحولها  أثاث قديم  مهمل


فهمت  انها  ف  مخزن  او  ما  شابه.... حاولت  الجلوس... لكن  السلسله  الحديد  التي  تكبلها  كانت  قاسيه


شعرت  بالألم ف  جسدها  ويدها  وقدمها.... نادت  بصوت  غاضب  لكنه  ضعيف  أيضآ


(سيف.... سيف  رد  عليا... انا  عارفه  انك سامعني)


نظرت  حولها... رأت  كاميرا  موجهه  إليها... نظرت  بأحتقار الي الكاميرا  لأنها  واثقه  انه  يراقبها  الآن


لحظات  ووجدته  يفتح  الباب.... دخل  بكل  شموخ.. واقترب  منها... ضحكت  بسخريه  وقالت  بأستهجان


(لأ  تصدق  انت  كده  دكر... رجوله  منك  تكتف  واحده  ست... كل  مادا  بتثبت  لي  انك  راجل  اوي  الصراحة.. مكتفني  ليه... خايف  ل  اعورك... ما  تخافش  انا  ما  بستقواش  ع  الضعيف)


أستفزته  أكثر  بكلامها.... نظر  لها  بأحتقار و غضب... ضحكت  بصوت  عالي لأنها  رأت  انها  استطاعت  ان


تجرحه  مجدداً... وتحطم  كبريائه... سيف  اقترب  منها  وصفعها  بقوه.... جعل  الدماء  تتطاير  من  فمها  وترتطم


رأسها  بالأرض... نظرت  له  و رأسها  ع  الأرض.. وقالت  وهيه  تتصنع  البرود


(ارتحت.... حسيت  انك  دكر  دلوقتي... ماشي يا عم... اضربني  ما  ده  تمامك... تتشطر  ع  ست)


سيف  ركع  ع  الأرض  ومسك  شعرها  وصرخ  فيها

(انتي  ايييييييه.... جنس  ملتك  ايييه... بتعملي  معايا  كده  ليه... انت  بتستفزيني  عشان  اعاشرك  واوريكي  انا  دكر  إزاي... مش  هيحصل... مش  هيحصل يا  نسرين... مش  هلمسك  لو  انطبقت السما ع الأرض.... مش هلمسك  غير  أما  اتأكد انك  هتبقي  ليا  انا  وبس... لما  اتأكد  انك  مش  هترجعي  للقرف  اللي  جبتك  منه.... انا  انضف  من  اني  اوسخ  نفسي  مع  واحده  زيك)


صرخت فيه

(اومال  اجوزتني   ليييييييه.... انا  مش  هنضف... مش  هبعد  عن  الطريق  ده... انت  حمار  ما بتفهمش  ولا  اطرش  ما بتسمعش... انا  ***  وهفضل *****  افهم  بقاااااااااااا)


تلقت  صفعه  اقوي  ع  وجهها.... ارتطمت  مجدداً  ف  الأرض... خرجت  منها  آه  الوجع  رغما  عنها... نهض


سيف  ونظر  لها  بكل  احتقار  و مقت... قال  بغضب

(يبقا  هتموتي  هنا.... كده  ولا  كده... امثالك  اخرهم  يا  القتل  يا  الحبس... اشكالك  القذره فعلاً ... خساره  فيهم  العيشه  المحترمه)


تركها  وتوجه  للباب..... نسرين  نظرت  للباب   حاولت  أن  تكبح  دموعها... لكنها  خانتها   وانهمرت  دون  رحمه  ع


خدها... وضعت  وجهها  ف  الأرض.. ملاصقا  للأرض  كي  لا  يري  دموع  عيناها


دخل  مجدداً... لم  ترفع  وجهها  حتي  لا  يري  ضعفها  ودموعها  الحاره.... سمعته  يلقي  بشيء  ع  الأرض


وخرج  مره أخري  و أغلق  الباب  بعنف... انتفضت  مكانها  ورفعت  وجهها  رأت  طعام  وماء  ع  صينيه  حديد


نظرت  للطعام  و اشاحت  بوجهها  بعيد عنه... رغم  أنها كانت  تتلوي  من  الجوع.. لكن  الألم والذل الذي  تشعر به  الأن  اقوي  من  شعور  الجوع

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عمار  عاد لشقته.... ليبدل  ثيابه  ويذهب  لشركته...دخل غرفته فوراً .. لكنه صدم  بنورهان  ف  وجهه


كانت  تجلس  ع  سريره  تربع  يدها  ع  صدرها... نهضت  واقفه  وأقتربت  منه... أخذت  وضعيه  الهجوم.. وقالت


(ماشي يابن عمي... انا  موافقه  ع  شروطك  انت  وابوك  وجدي...... انا  عايزه  الشركة... ممكن  حضرتك  تنزل  معايا  ونخلص  ف  إجراءات البيع والشرا)


عمار  تنفس  بضيق  وقال

(انا مش فاضي  لمواضيعك  التافهه  دي  يا  حجه... لما  أبقي أفضي  ابقي  اشوف  حواراتك  دي)


نورهان  اشتعلت  عيناها بالشر   واقتربت  منه... عاد  خطوه  للخلف  كأنه  يشمئز  من  قربها  منه... قالت له


(انا  مواضيعي  مش  تافهه... وهتنزل معايا  دلوقتي... تشتري لي  الدور  اللي  انا  عايزاه.... و تشتري لي  البيت  اللي  انا  عايزاه  عشان  اغور  من  وشك  وترتاح  مني... وكمان  تروح  معايا  المول  تشتري  لي  هدوم  جديده  تناسب  مركزي... وإلا... قسما بالله العظيم... لاروح  الشركة  والمصنع  واخد  مكتب  هناك  واخد  مكاني  ف مجلس الإدارة  وهتلاقيني ف  خلقتك  ف  كل  مكان  تروحه  وده  حقي  القانوني  لا  انت  ولا  أبوك  ولا  جدك  تقدروا  تمنعوني اني  أروح  اشتغل  ف  ملكي   واخد  المكان  اللي  يناسبني  فيه.... ها  يا  ابن عمي... قلت  إيه... هتشتري لي  اللي  انا  عايزاه  عشان  احل  عن  دماغك... ولا  أتدخل  ف  الشغل  و تلاقي  خلقتي  اللي  بتقرف  منها  دي  نطه لك  ف  كل مكان تروحه)


نظر لها  بمقت  وكره... وقال  بحنق

(ماشي.... هشتري لك  اللي  انتي  عايزاه يا  نورهان  الزفت... بس  اقسم بالله العظيم  لو  شفت  وشك  بعد كده... هندمك  ندم  عمرك... انتي  فاهمة... يلا  اجهزي  خلصيني  كفايه  الوقت  اللي  هضيعه  معاكي... يلااااا)


ابتسمت  بأنتصار.... و خرجت  من  غرفته  لغرفتها..... ارتدت ثيابها  وانتظرته  الي ان أنتهي


وغادروا  معا... اشتري  لها  بالفعل   الدور  الذي  تريد.. لكنه  قال  لها  بعد  أن  خرجوا  من  المبني


(اسمعي  يا  نورهان... انا  هكتب لك أذن   بالمبلغ اللي  انتي  عايزاه  وحضرتك بقي  اشتري  بيتك  وعربيتك  وهدومك... انا  مش  فاضي  ألف  معاكي  سامعه... انا  عندي  شغل  و  إجتماع  مهم  لازم  احضره... ها  يناسبك  اد ايه عشان  تحلي  عن  دماغي)


ابتسمت  له  وشعرت  بسعادة لاتوصف  وهيه  تحقق  هذا  النصر  المبدئي  عليه


أخذت منه الأذن ... و  خرجت  من  السيارة... توجهت  لمنزل  قديم  قليلاً... كانت  دوماً  معجبه  به


منزل  يشبه  الفيلا  من  دورين... شعرت  بالأمان  وهيه  تقف  أمامه.... سألت  عن  صاحب  البيت.... و بالفعل


اشترته... وذهبت  لمعرض  سيارات... واشترت  سياره  متواضعة.... اتصلت  ب حنين  وأخبرتها  عن  كل  ما  حدث


شجعتها  صديقتها... وحمستها  لأن تكمل.... عادت  نورهان  لبيت  عمار... و وضبت  امتعتها  واستعدت لتترك  له


هذا  البيت  الذي  شعرت  فيه  بكل  مشاعر  الكره  والحقد... البيت  الذي  عاشت  فيه  ايام قليله

لكنها  مريره


اخذت  حقيبتها  وكانت  تهم  بالخروج... لكنها  فجأة  سمعت صوت صراخ  عمار   ف  غرفته


       يتبع ف الحلقه 11و12

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